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कैसा अजब यह सफर है
सोचो तो हर एक ही बेख़बर है
उसको जाना किधर है
जो वक्त आयें, जायें, क्या दिखाएँ
ओहो ...
दिल चाहता है
कभी न बीते चमकीले दिन
हम ना रहें कभी यारों के बिन...