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Wednesday, March 04, 2009

...

कैसा अजब यह सफर है

सोचो तो हर एक ही बेख़बर है

उसको जाना किधर है

जो वक्त आयें, जायें, क्या दिखाएँ

ओहो ...

दिल चाहता है

कभी न बीते चमकीले दिन

दिल चाहता है

हम ना रहें कभी यारों के बिन...